चंद्रयान-2 / लैंडर का पृथ्वी से संपर्क टूटा, तो इसरो सेंटर में हर कोई भावुक हो गया

चंद्रयान-2 / लैंडर का पृथ्वी से संपर्क टूटा, तो इसरो सेंटर में हर कोई भावुक हो गया



बेंगलुरु. भारत अंतरिक्ष विज्ञान में इतिहास रचने के करीब था, लेकिन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का लैंडिंग से पहले पृथ्वी से संपर्क टूट गया। इसरो के सेंटर में कुछ देर के लिए सन्नाटा सा गया। इसरो प्रमुख के सिवन कुछ देर के लिए शांत बैठे दिखे। ऐसी ही कुछ तस्वीरे वैज्ञानिकों की भी देखी गईं। दर्शक और देशभर से पहुंचे 70 से ज्यादा बच्चे हैरान प्रार्थना करते दिखे।


दरअसल, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम की शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1 बजकर 55 मिनट पर लैंडिंग होनी थी, लेकिन इसका समय बदलकर 1 बजकर 53 मिनट कर दिया गया था। हालांकि, यह समय बीत जाने के बाद भी लैंडर विक्रम की स्थिति पता नहीं चल सकी। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी चंद्रमा की सतह से 119 किमी से 127 किमी की ऊंचाई पर घूम रहा है। 2379 किलो वजनी ऑर्बिटर के साथ 8 पेलोड हैं और यह एक साल काम करेगा। यानी लैंडर और रोवर की स्थिति पता नहीं चलने पर भी मिशन जारी रहेगा।


सिवन ने प्रधानमंत्री को दी थी जानकारी 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात चंद्रयान-2 की चांद पर लैंडिंग देखने के लिए इसरो मुख्यालय में मौजूद थे। पहले के. सिवन ने उन्हें चंद्रयान-2 मिशन तय रास्ते पर चलने की जानकारी दी। देर रात 1 बजकर 53 मिनट पर सिवन फिर प्रधानमंत्री के पास आए और उन्हें बताया कि लैंडर का पृथ्वी से संपर्क टूटा गया है। फिर प्रधानमंत्री सभी वैज्ञानिकों से मिलने के बाद इसरो सेंटर से चले गए।