चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 / चांद की सतह से सिर्फ 2.1 किमी पहले लैंडर का पृथ्वी से संपर्क टूटा; ऑर्बिटर एक्टिव, 95% मिशन सफल



 


बेंगलुरु. भारत अंतरिक्ष विज्ञान में इतिहास रचने के करीब था, लेकिन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का लैंडिंग से महज 69 सेकंड पहले पृथ्वी से संपर्क टूट गया। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम की शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1 बजकर 55 मिनट पर लैंडिंग होनी थी, लेकिन इसका समय बदलकर 1 बजकर 53 मिनट कर दिया गया था। हालांकि, यह समय बीत जाने के बाद भी लैंडर विक्रम की स्थिति पता नहीं चल सकी। इसरो चेयरमैन डाॅ. के. सिवन ने बताया, ''लैंडर विक्रम की लैंडिंग प्रक्रिया एकदम ठीक थी। जब यान चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह से 2.1 किमी दूर था, तब उसका पृथ्वी से संपर्क टूट गया। हम ऑर्बिटर से मिल रहे डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं।''


इसरो के एक वैज्ञानिक ने कहा, "हम केवल 5% मिशन खराब हुआ है, यह लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान हैं। 95% मिशन सफल रहा है, क्योंकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर सफलतापूर्वक चांद के चक्कर लगा रहा है।' अगर लैंडर विक्रम की लैंडिंग की पुष्टि हो जाती तो सुबह 5 बजकर 19 मिनट पर रोवर प्रज्ञान बाहर आता और यह सुबह 5:45 पहली तस्वीर क्लिक कर लेता।